मुस्लिम आबादी को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा की चिंता
हिमंता बिस्वा सरमा ने हाल ही में प्रवासियों को लेकर अपनी पिछली चेतावनियों को दोहराते हुए दावा किया था कि अगर मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत से अधिक हो जाती है तो असम में अन्य समुदाय जीवित नहीं रह पाएंगे. एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि दशकों से अनियंत्रित प्रवासन के कारण असम की मूल आबादी अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है.
सरमा के अनुमानों के अनुसार, असम की मुस्लिम आबादी के 2021 में लगभग 38 प्रतिशत होने का अनुमान था. 1961 से लगातार 4-5 प्रतिशत की दशकीय वृद्धि दर के कारण 2027 तक 40 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. उन्होंने तर्क दिया कि असम में पहचान की राजनीति कोई विकल्प नहीं बल्कि अस्तित्व के लिए एक मजबूरी बन गई है.


