भारत में रह रहीं 78 वर्षीय शेख हसीना, बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली नेता रही हैं. पिछले साल स्टूडेंट प्रोटेस्ट्स पर हुई सरकारी कार्रवाई के बाद उन्हें सत्ता से बेदखल किया गया था. उन पर मानवाधिकार उल्लंघन और हिंसा का आदेश देने के आरोप हैं. हसीना इन आरोपों से इनकार करती हैं और अगस्त 2024 से भारत में निर्वासन में हैं. अदालत ने उन्हें गैरहाजिर में सुनवाई के बाद आरोपी बनाया है. आज का फैसला यह तय करेगा कि बांग्लादेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी. क्या शेख हसीना की वापसी के रास्ते बंद होंगे या वह राजनीतिक शहादत के रूप में और मजबूत होकर लौटेंगी.बंग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार का दिन हंगामेदार रहने वाला है. क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मामले में आज फैसला आने वाला है. फैसले से पहले ढाका में माहौल भारी, सड़कों पर सन्नाटा, सुरक्षा एजेंसियों में खलबली और सेना तक अलर्ट पर है.बंग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार का दिन हंगामेदार रहने वाला है. ढाका पुलिस चीफ ने साफ आदेश दिया है कि जो भी आगजनी या बम फेंकने की कोशिश करेगा, उस पर गोली चलाई जाएगी. इसके साथ ही राजधानी में बॉर्डर गार्ड बांग्ला देश की तैनाती कर दी गई है. गाजीपुर, गोपालगंज और पास के जिलों में रेड अलर्ट है. सरकारी इमारतों और प्रमुख चौराहों पर रैपिड एक्शन बटालियन की तैनात की गई है.


