संत ज्ञानेश्वर और बैल की वाणी
13 वर्ष की आयु में संत ज्ञानेश्वर ने यह प्रमाण दिया कि दिव्यता, ज्ञान और भक्ति उम्र-पढ़ाई या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि शुद्ध हृदय से आती है। एक दिन उन्होंने बैल के ऊपर हाथ रखकर कहा कि वह वेद मंत्र जप करेगा। आश्चर्यजनक रूप से उस बैल ने मंत्रों का जाप किया। इस घटना ने…

