संत ज्ञानेश्वर और बैल की वाणी

13 वर्ष की आयु में संत ज्ञानेश्वर ने यह प्रमाण दिया कि दिव्यता, ज्ञान और भक्ति उम्र-पढ़ाई या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि शुद्ध हृदय से आती है। एक दिन उन्होंने बैल के ऊपर हाथ रखकर कहा कि वह वेद मंत्र जप करेगा। आश्चर्यजनक रूप से उस बैल ने मंत्रों का जाप किया। इस घटना ने…

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ऋषि काच और मृत्यु-उद्धार मंत्र

महाभारत में वर्णित कथा है— ऋषि काच ने मृत्युदा पुनर्जीवित करने वाला मन्त्र (मृतसंजिवनी विद्या) सीखने के लिए गुरु शुक्राचार्य के आश्रम में सेवा की। असुरों ने उसे कई बार मारकर उसके शरीर को विभिन्न रूपों में बदल दिया, पर गुरु और काच दोनों ने संयम एवं उपासना से उसे बहाल कर लिया। अंततः काच…

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