दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके में कई लोगों के हताहत होने की सूचना अत्यंत हृदयविदारक एवं चिंताजनक है।

मैं शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ, और ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ। यह घटना इतनी हृदय विधायक है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, देश में अराजक तत्वों का बोलबाला है, प्रशासन के चारों तरफ से चौकन्ना होने के बावजूद भी इस तरह की अप्रिय घटनाएं घट रही है। इस सब के बावजूद भी देश की राजनीति में देख रहा हूं कि लोग संकट की स्थिति में देश के साथ ना खड़े होकर शासन प्रशासन से त्यागपत्र की मांग कर रहे हैं, ईश्वर इनको सद्बुद्धि दे क्योंकि मैं इतना ही कहूंगा कि जब देश संकट की स्थिति में हो तो अपनी राजनीतिक रोटियां सेकना  बंद करके सभी राष्ट्र के साथ खड़े होना चाहिए यह प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य बनता है, न कि उपहास उड़ाया  जाए। आज जो भी घटनाएं घट रही हैं मैं मानता हूं कि यह जो देश में राजनीतिक विघटनकारी व्यवस्था है कुछ ना कुछ इसी का परिणाम है क्योंकि जब हम संगठित रहते हैं तो किसी की ताकत नहीं है जो हम पर ऊपर उंगली उठा सके लेकिन हमारे भारत देश के अंदर यह जो राजनीतिक द्वंद चल रहा है,” किस्सा कुर्सी का” दर्शकों इसका परिणाम देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है अभी समय है  जाग जाओ । क्योंकि तब क्या होगा जब सब कुछ नष्ट हो जाऐगा। यह सच है कि वह लोग जो आज देश के साथ नहीं खड़े हैं ,  किंतु लोगों को एक बात याद रखनी चाहिए की कोई भी आतंकवादी वह अगर देश के साथ नहीं है तो आपके साथ भी नहीं है, इसलिए मेरी आप सभी से यह जितने भी साथी मेरी आवाज को सुन रहे हैं उनसे अपील है उनसे अनुरोध है उनसे प्रार्थना है की आपत्ति की स्थिति में संकट की घड़ी में देश के साथ खड़े हों ,क्योंकि देश में ही आप भोजन पाते हैं देश में ही आपका जीवन चलता है और यही आपको इस पावन मिट्टी में विसर्जन भी मिलेगा। ओम् शांति।
राम करन सिंह
चीफ इन एडिटर मानस न्यूज़ नेटवर्क उत्तर प्रदेश।

DelhiBlast

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