महाभारत में वर्णित कथा है— ऋषि काच ने मृत्युदा पुनर्जीवित करने वाला मन्त्र (मृतसंजिवनी विद्या) सीखने के लिए गुरु शुक्राचार्य के आश्रम में सेवा की। असुरों ने उसे कई बार मारकर उसके शरीर को विभिन्न रूपों में बदल दिया, पर गुरु और काच दोनों ने संयम एवं उपासना से उसे बहाल कर लिया। अंततः काच विद्या ग्रहण कर लेता है, पर उसे खुद उस मन्त्र का प्रयोग न कर पाने का श्राप मिलता है।


